औरंगाबाद, बिहार।
23 अगस्त 2025 को बारुण थाना में कार्यरत ब्लू स्टार कम्पनी के एच आर अभिजीत जीवन ईंगले ने बारुण थाना में मामला दर्ज कराया था कि उनकी कम्पनी से ट्रांसफार्मर तथा उसके पार्ट्स की चोरी हुई है। शिकायत में ट्रांसफार्मर का तेल, साइट प्लेट के नट-बोल्ट व ट्रांसफार्मर से जुड़े अन्य कीमती पुर्जे चोरी होने का उल्लेख था। शिकायत के आधार पर बारुण थाना में कांड संख्या 409/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
एसआईटी का गठन, तकनीकी और खुफिया इनपुट से मिली सफलता
औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। जिसमें सोननगर जंक्शन जीआरपी, अन्य तकनीकी व खुफिया टीमों के साथ समन्वय में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और सूचनाओं के आधार पर सक्रियता बढ़ाई गई। 8 दिसंबर 2025 को सोननगर स्टेशन के पास और आसपास की वॉचिंग एवं छानबीन के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के बारे में मजबूत सुराग मिले।
3.5 करोड़ के 12 क्विंटल कॉपर के तार के साथ गिरफ्तार किए गए 15 आरोपी
औरंगाबाद सदर एसडीपीओ 02 संजय कुमार पाण्डेय ने इस संबंध में बताया कि अगस्त माह में बारूण थाना क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात हुई थी। चोरी की वारदात को अंतरराज्यीय टार्जन रमेश गैंग ने अंजाम दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद एसपी अंबरीष राहुल ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर वन संजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया। एसआईटी और आरपीएफ डेहरी की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी अभियान शुरू किया।
8 दिसंबर को पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली। सोननगर स्टेशन के पीछे पिकअप पर लदे कॉपर तार के साथ रमेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर सोननगर भंवर के पास खड़ी स्कॉर्पियो और केशवपुर के पास बोलेरो से 14 अन्य अपराधियों को पकड़ा गया। इसके बाद सभी 15 अपराधियों को गिरफ्तार कर थाना लाया गया।
चोरों की निशानदेही पर भारी मात्रा में कॉपर वायर बरामद, 15 आरोपी गिरफ्तार
पकड़े गए चोरों की निशानदेही पर की गई छापेमारी में चोरी का माल और परिवहन करने के लिए लाये गए चार पहिया वाहन को भी जब्त किया गया।
पकड़े गए सभी आरोपी झारखंड और पश्चिम बंगाल और झारखण्ड के रहने वाले हैं। औरंगाबाद पुलिस ने इनके पास से करीब 12 क्विंटल कॉपर का तार, एक पिकअप, एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो, 8 मोबाइल फोन समेत चोरी में प्रयोग किए जाने वाले अन्य सामानों को भी बरामद किया है।
एसडीपीओ सदर टू संजय कुमार पांडे ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने अपना अपराध स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि गिरोह रेलवे प्लेटफार्मों व ट्रांसफार्मर लगे स्थानों पर रात के समय आकर ट्रांसफार्मर के कॉपर तार व अन्य पुर्जे काटकर ले जाते थे। आरोपियों ने यह भी कहा कि चोरी किए माल को वे पास-पड़ोस के राज्यों और बड़े शहरों में संचालित कबाड़-खरीददारों को बेचा करते थे। इनके मुख्य क्रियाकलापों में रात में निकलना, ट्रांसपोर्ट के जरिए माल भेजना तथा कबाड़ की दुकानों पर बेचना शामिल था।
गिरोह की गतिविधियों की छान बीन जारी रहेगी