औरंगाबाद(राजेश रंजन)। बिहार बोर्ड द्वारा जारी मैट्रिक परीक्षा परिणाम में जिले से कुल 14 छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनाई है। वहीं कुछ ऐसे भी छात्र हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत जारी रखा और उसका परिणाम आज सबके सामने है।
औरंगाबाद जिले के देव स्थित राजकीय देव हाई स्कूल के छात्र शिव कुमार की, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से बिहार बोर्ड की दसवीं परीक्षा में टॉप टेन में जगह बनाकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया।
शिव कुमार ने 481 अंक हासिल कर राज्य स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि वे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और अपने ननिहाल, देव गोदाम में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। मूल रूप से झारखंड के पलामू जिले के हरिहरगंज प्रखंड के अररूआ खुर्द गांव के निवासी शिव कुमार का जीवन संघर्षों से भरा रहा है।
उनके पिता मनोज चौधरी गांव में पारंपरिक पेशा अपनाते हुए ताड़ी बेचने का काम करते हैं। जबकि उनकी मां सुमन देवी एक गृहिणी हैं। दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े शिव कुमार बचपन से ही अपने नाना-नानी के पास रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनके नाना तिलेश्वर चौधरी और नानी कांति देवी ने बताया कि बचपन में स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्होंने शिव को अपने पास रख लिया था।
आज शिव कुमार की इस उपलब्धि ने पूरे परिवार को गर्व से भर दिया है। नाना-नानी की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें शिव से हमेशा उम्मीद थी, और आज उसने उन उम्मीदों को सच कर दिखाया।
शिव कुमार की यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज के उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।